अशोक कुमार की बेटी और नातिन थी गज़ब की एक्ट्रेस
अशोक कुमार की बेटी और नातिन थी गज़ब की एक्ट्रेस
WRITTEN BY Ved Kumar | Updated: June 22, 2024, 12:30 PM IST
1962 मे पदमश्री अवार्ड और 1999 मे पदम भूषण अवार्ड विनर अभिनेता अशोक कुमार उर्फ़ दादामुनी से तो हम सभी वाकिफ है दादामुनी की पर्सनल लाइफ की बात् की जाए तो कालांतर मे उनकी शादी के बाद वो तीन बेटियों और एक पुत्र के पिता बने।उनमे से ही उनकी एक पुत्री का नाम भारती था जो की बॉलीवुड की एक प्रसिद्द एक्ट्रेस थी।भारती ने अपने करियर में हिंदी सिनेमा को तमाम हिट और ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं। इनमें 'हजार चौरासी की मां', 'सांस', 'दमन: विक्टिम ऑफ मैरिटल वायलेंस' जैसी फिल्में शामिल हैं। एक्टर होने के साथ-साथ उन्होंने कई हिंदी फिल्मों में का डायरेक्शन भी किया था। भारती जी ने एक जर्मन और एक फ्रेंच फिल्म मे भी अभिनय किया है।
भारती जी का फिल्मी सफर के कुछ अनमोल पोस्टर्स
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| A german film |
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| A french film |
हामिद जाफरी की बात की जाए तो उनकी भी ये दूसरी शादी थी। जब हामिद जाफरी की शादी एक्ट्रेस भारती से हुई थी तब हामिद जाफरी 13 वर्षीय (जनेवीव अडवाणी) बेटी के पिता थे जो की उनकी पहली पत्नी से पैदा हुई बेटी थी। आप् सभी सोच रहे होंगे यहा जनेवीव अडवाणी का इंट्रोडक्शन क्यू कराया गया।तो इसका कारण ये है कि ये जनेवीव अडवाणी आगे जाकर कालांतर मे एक बच्ची को जन्म देती है और इसी बच्ची को आज हम कियारा आडवाणी के नाम से जानते है।
तो इस तरह से देखा जाए तो एक्ट्रेस भारती, जनेवीव अडवाणी की सौतेली माँ थी याने कियारा आडवाणी की सौतेली नानी और इस तरह से अशोक कुमार कियारा अडवाणी के सौतेले परनाना लगेंगे । दूसरी तरफ एक्टर सईद जाफरी जो की हामीद जाफरी के भाई है वो कियारा आडवाणी के दादाजी लगेंगे। तो कहने का तात्पर्य ये है कि फिल्मी दुनिया मे एंट्री के लिए आज भी फिल्मी फॅमिली बैकग्राउंड जरूरी है। बोहोत से लोग जिनको फिल्मी दुनिया की अंदरुनी जानकारी नहीं है वो कियारा आडवानी को आउटसाइडर बताकर सेल्फ इस्टेबलिश्ड एक्ट्रेस बताते है। फिल्म इंडस्ट्री मे आज भी टैलेंट के साथ जुगाड़ जरूरी है।ये ट्रेंड आज से नहीं बल्कि दशकों से चला आ रहा है।
एक्ट्रेस भारती जाफरी की बेटी अनुराधा पटेल के फिल्मी करियर की बात करे तो अनुराधा ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1983 में पूर्व बाल अभिनेता मयूर वर्मा के साथ फिल्म लव इन गोवा से की। वह उत्सव (1984), फिर आई बरसात (1985), धर्म अधिकारी, सदा सुहागन (1986), इजाजत (1987), रुखसत (1988) जैसी सफल फिल्मों में दिखाई दीं। लेकिन फिर 1989 के बाद उन्हें फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं नहीं मिलीं और उन्होंने टेलीविजन और विज्ञापन करना चुना। अपने परिवार और बेटों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए उन्होंने 1990 के दशक की शुरुआत में अभिनय से दूरी बना ली, फिर भी उन्होंने मॉडलिंग में अपना करियर जारी रखा। 10 साल के ब्रेक के बाद, वह 2000 के दशक के अंत में फिल्मों में लौटीं और जाने तू या जाने ना (2008) ओम पुरी के साथ खाप, रेडी (2011) ,आयशा, धनत्या ओपन और अन्य फिल्मों में दिखाई दीं। एक अभिनेत्री होने के अलावा, वह पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, पब्लिक स्पीकिंग, ग्रूमिंग और कॉन्फिडेंस बिल्डिंग के लिए डायनेमिक फिनिशिंग एकेडमी की निदेशक भी हैं, जिसकी परिकल्पना उन्होंने 1987 में की थी। उन्होंने स्टार प्लस के धारावाहिक देखो मगर प्यार से और क्योंकि सास भी कभी में कैमियो भूमिका भी निभाई। जीतेन्द्र के अपोजिट बहू थी। वह वर्तमान में चुनिंदा फिल्मों और सैमसंग, आशीर्वाद आटा, मिल्टन, पीसी चंद्रा ज्वैलर्स और अन्य जैसे विज्ञापनों में अभिनय करती रहती हैं, जिससे उन्हें अपने परिवार पर भी ध्यान केंद्रित करने का समय मिल जाता है। उन्होंने हाल ही में अपने पति कवलजीत सिंह के साथ 2021 अमेज़ॅन फैशन विज्ञापन में अभिनय किया।













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