अस्सी के दशक मे बी.टेक किया और फिर बॉलीवुड मे बन गये सुपरस्टार..!!
अस्सी के दशक मे बी.टेक किया और फिर बॉलीवुड मे बन गये सुपरस्टार..!!
WRITTEN BY Ved Kumar | Updated: June 20, 2024, 12:30 PM IST
मुंबई. बॉलीवुड में 90 के दशक में कई एक्टर्स ने अपनी खास जगह बनाई थी. इन सितारों में से कुछ आज भी मनोरंजन की दुनिया में नजर आते हैं. कई आज बॉलीवुड के टॉप एक्टर्स बन गए हैं. वहीं, कुछ ऐसे हैं, जिनका करियर ग्राफ बहुत तेजी से ऊपर गया था लेकिन फिर अचानक वे गायब हो गए. उन्होंने वापस लौटने की कोशिश की लेकिन फिर बॉलीवुड ने ही उन्हें नहीं अपनाया. ऐसे एक हीरो हैं अविनाश वाधवन जिन्होंने एक वक्त पर काफी नाम कमा लिया था लेकिन फिर वे गुमानाम हो गए. आइए, उनके फिल्मी कॅरियर पर बात करते हैं…
फिल्मी दुनिया में 90 के दौर में यूं तो कई सितारे सामने आए थे लेकिन उनमें अविनाश वाधवन ऐसे सितारे थे जो बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे थे. 2 नवम्बर 1968 को दिल्ली में जन्में अविनाश ने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी. उनका असल नाम राकेश वधावन था. अविनाश के माता पिता चाहते थे कि वे इंजीनियर के तौर पर काम करें लेकिन वे मुंबई जाकर एमबीए करना चाहते थे.
दोस्तों ने बोला हीरो बन सकते हो…
अविनाश एमबीए करने के लिए मुंबई चले गए और वहां होस्टल में रहने लगे. होस्टल में अविनाश की पर्सनैलिटी को देखकर उनके दोस्तों ने कहा कि ‘तुम हीरो बन सकते हो.’ ये बात अविनाश को जम गई और उन्होंने मॉडलिंग की दुनिया में कदम रख लिया और जल्द ही वे फेमस मॉडल बन गए. इसके बाद अविनाश को एक फिल्म का प्रस्ताव मिला, जिसका नाम था ‘और प्यार हो गया’. 1986 में आई इस फिल्म ने अविनाश के लिए नए दरवाजे खोल दिए.ज्ञात हो कि एक्टर अविनाश ने MBA की डिग्री भी अच्छे अंको के साथ पास की थी।
सुनील और अक्षय से निकल रहे थे आगे
अविनाश ने ‘इंसाफ की पुकार’, ‘आई मिलन की रात’, ‘रुपये दस करोड़’, ‘मीरा का मोहन’, ‘जूनून’, ‘गीत’, ‘पुलिस और मुजरिम’, ‘बलमा’ जैसी कई फिल्मों के जरिए खुद को साबित किया. अविनाश को फिल्ममेकर्स में नया उभरता हुआ सितारा नजर आने लगा था और उनके पास फिल्मों के कई प्रस्ताव आने लगे थे. अविनाश अपने दौर के अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी से आगे निकलते दिख रहे थे. दूसरी तरफ निजी जिंदगी में भी अविनाश आगे बढ़ रहे थे. मॉडलिंग करते हुए उनकी मुलाकात छाया पारेख नाम की मॉडल एवं पेंटर से हुई थी. दोनों में प्यार हुआ और साल 1990 में दोनों ने शादी कर ली थी. फिलहाल छाया पारेख को छाया स्मृति मीरानी नाम से जाना जाता है
हो गई बड़ी गलती
अविनाश की शादीशुदा जिंदगी में कुछ ही समय बाद तकरार बढ़ने लगी और इसका असर फिल्मी कॅरियर पर पड़ने लगा. अविनाश ने कई अच्छी फिल्में छोड़ दीं, जिनका फायदा अक्षय, सुनील, सैफ अली खान, अजय देवगन जैसे उस दौर के उभरते हुए एक्टर्स को हुआ. बॉलीवुड से साइड होने के बाद अविनाश ने क्षेत्रीय सिनेमा का रुख कर लिया. इस बीच साल 2000 में छाया से तलाक लिया और साल 2003 में दूसरी शादी नताशा वधावन से की.नताशा एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है इसके साथ ही उन्होंने कॅरियर को नई दिशा दी और छोटे पर्दे की तरफ रुख कर लिया.

फिल्मी सफर




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