एक्ट्रेस सुलक्षणा पंडित :- व्यक्ति विशेष

 

एक्ट्रेस सुलक्षणा पंडित :- व्यक्ति विशेष 

WRITTEN BY Ved Kumar | Updated: May 08, 2024, 12:30 PM IST

70 और 80 के दशक की जानी-मानी एक्ट्रेस सुलक्षणा पंडित का जन्म 12 जुलाई 1954 में छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में हुआ था। तीखे नैन नैक्श वालीं सुलक्षणा एक एक्ट्रेस होने के साथ-साथ बेहतरीन सिंगर भी थीं। उन्होंने 9 साल की उम्र से ही गाना शुरू कर दिया था। सुलक्षणा ने 1967 में फिल्म के लिए पहली बार गाना गाय था। इसी दौरान उन्हें फिल्मों में एक्टिंग के लिए भी ऑफर मिलने लगे। 

सुलक्षणा पंडित ने 1975 में फिल्म 'उलझन' से डेब्यू किया था। फिल्म में उनके अपोजिट एक्टर संजीव कपूर थे। गंभीर स्वभाव के संजीव को देखते ही सुलक्षणा को उन पर प्यार आ गया। उस वक्त संजीव कुमार का दिल तो हेमा मालिनी पर आया हुआ था इसके बावजूद सुलक्षणा संजीव कुमार को चाहने लगीं।

संजीव कुमार ने हेमा मालिनी को शादी के लिए प्रपोज किया तो उन्होंने इसे ठुकरा दिया था क्योंकि हेमा मालिनी धर्मेंद्र से प्यार करती थीं। हेमा के मना करने के बाद संजीव कुमार का दिल टूट चुका था। उनकी और सुलक्षणा की तब तक काफी अच्छी दोस्ती हो चुकी थी वो हर बात सुलक्षणा से शेयर करते रहते थे।

संजीव कुमार जब हेमा मालिनी से अलग हो गए तो सुलक्षणा ने खुद ही अपने प्यार का इजहार संजीव कुमार से कर दिया लेकिन होनी को तो शायद कुछ और ही मंजूर था। हेमा के मना करने के बाद उन्होंने सुलक्षणा को भी ठुकरा दिया। संजीव कुमार के ठुकराए जाने के बाद तो जैसे सुलक्षणा की जिंदगी ही उजड़ गई। उन्होंने फिल्में करनी छोड़ दीं और बाहरी दुनिया से नाता ही तोड़ लिया।

सुलक्षणा अपनी मां के साथ मुंबई के एक फ्लैट में रहने लगीं थीं। मां के साथ रहते हुए भी उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और वो डिप्रेशन में चली गईं। 1985 में जब संजीव कुमार की असमय मौत हुई तो सुलक्षणा सदमे में चली गईं। कहते हैं सुलक्षणा अपना मानसिक संतुलन खो बैंठी और वो किसी को पहचानती भी नहीं थीं। इसका खुलासा खुद सुलक्षणा ने 1999 में एक इंटरव्यू में किया था।


सुलक्षणा ने कहा था, 'संजीव के चले जाने के बाद मैं डिप्रेशन में चली गईं। मैंने लगभग खुद को खत्म ही कर लिया था लेकिन भगवान की मर्जी थी कि मैं बच गई और आज भी मैं अपनी जिंदगी जी रही हूं हालांकि मैं अभी भी उस सदमे से उबरी नहीं हूं। मैंने अपने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया है और पूरे दिन मैं सिर्फ अच्छी फिल्में देखती हूं, गाने सुनती हूं ताकि मैं जिंदगी और इस दुनिया का सामना कर पाऊं।'

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