शाही घराने से थी संजय दत्त की एक्स -वाइफ

शाही घराने से थी संजय दत्त की एक्स -वाइफ..!!

एक्टर संजय दत्त को तो हम सभी जानते है लेकिन आज हम आपको संजय दत्त की वैवाहिक जीवन के कुछ अनोखे फैक्ट बताकर आप सभी को चौकाना चाहते है।

संजय दत्त ने अपने जीवंकाल मे टोटल तीन  शादिया की है ।पहली शादी रिचा शर्मा से 1986 मे  की थी  रिचा शर्मा भी एक एक्ट्रेस थी कैंसर की वजह से वर्ष 1996 मे उनकी मृत्यु हो गयी थी।

संजय दत्त की दूसरी शादी वर्ष 1998 मे रिया ( Rhea)  पिल्लई  से हुई थी 2008 मे संजय दत्त और रिया पिल्लई ने तलाख ले लिया।

संजय दत्त अपनी दूसरी पत्नी रिया पिल्लाई के साथ

WRITTEN BY Ved Kumar | Updated: May 18, 2024, 12:30 PM IST

संजय दत्त से तीसरी शादी एक्ट्रेस मान्यता से 2008 मे की थी। मान्यता का असली नाम दिलनवाज़ शेख है।

तो दोस्तों आज की पूरी स्टोरी रिया पिल्लई के ऊपर है।रिया पिल्लई का जन्म 1965 मे इंग्लैंड मे हुआ था। इंग्लैंड मे पैदा होने के बावजूद ,रिया पिल्लई का बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री और एक भारतीय राज घराने से गहरा रिश्ता रहा है रिया पिल्लई का जन्म रेमंड पिल्लई और उनकी पत्नी दुर्र-ए-शाहवार धनराजगीर की बेटी के रूप में हुआ था।रेमंड पिल्लई IBM यूरोप में  फाइनेंसियल कंट्रोलर थे  रिया पिल्लई  के माता-पिता मिश्रित सांप्रदायिक विरासत के थे, और उनका विवाह भी मिश्रित था। उनके पिता रेमंड पिल्लई एक मलयाली हिंदू पिता और एंग्लो-इंडियन मां के पुत्र थे, और उनका पालन-पोषण एक ईसाई के रूप में हुआ था।रिया पिल्लई की मां दुर्र-ए-शाहवार धनराजगीर, महाराजा  धनराजगीर नरसिंहराज  ज्ञान बहादुर, जो एक हिंदू और हैदराबाद राज्य के शीर्ष रईसों में से एक थे, की बेटी थीं, उनकी पत्नी जुबैदा, जो मुस्लिम राजघराने से थीं और उन्होंने पहली भारतीय साउंड फिल्म आलम आरा (१९३१) में अभिनय किया था। वह भारत की पहली महिला फिल्म निर्देशक फातिमा बेगम की परपोती भी हैं

स्पष्ट शब्दों मे कहे तो रिया पिल्लई के नानाजी का नाम महाराजा  धनराजगीर नरसिंहराज ज्ञान बहादुर था जो कि हैदराबाद के राजा (निजाम) के  दरबार मे फाइनेंस मिनिस्टर् थे। ऐसा कहा जाता है कि हैदराबाद के राजा ब्रिटिश दौर मे इंडिया के टॉप 5 रिचेस्ट राजाओं मे से एक थे अतः उनके दरबार मे काम करने वाले मंत्री भी किसी राजा से कम नहीं होते थे। रिया पिल्लई  के नाना जी (महाराजा  धनराजगीर  नरसिंहराज ज्ञान बहादुर) ने दो शादिया की थी  पहली शादी रानी प्रमिला देवी से की थी दूसरी शादी  मुस्लिम राजकुमारी ज़ुबैदा  से  की था।  दुर्र-ए-शाहवार धनराजगीर  जो कि  रिया पिल्लई की माताजी है वो ज़ुबैदा और महाराजा धनराजगीर  की पुत्री है। आप सभी को ज्ञात हो कि रिया पिल्लई की नानी जी याने ज़ुबेदा जी सूरत के पास " सचिन " नामक रियासत के राजा नवाब इब्राहिम मोहोमद याकूट खान -3 की बिटिया थी। रिया पिल्लाई की नानी जी ज़ुबैदा जी भी एक महान एक्ट्रेस थी उन्होंने आलम आरा नामक फेमस फिल्म मे काम किया था । ज़ुबैदा और महाराजा धनराजगीर   का एक पुत्र भी है जिसका नाम हुमायु धनराजगीर रखा गया इस तरह से हुमायु ,दुर्र-ए-शाहवार धनराजगीर  के सगे भाई हुए और रिया पिल्लाई के सगे मामा भी हुए।

हुमायु धनराजगीर की बात की जाए तो हुमायूं धनराजगीरजी , वर्तमान हाउस  ज्ञान बाग पैलेस  हैदराबाद  के प्रमुख है इनका जन्म 1936 में हुआ, इन्होंने यू.के. (केमिकल इंजीनियरिंग) और हार्वर्ड (एडवांस्ड मैनेजमेंट प्रोग्राम) से शिक्षा प्राप्त की,ये  एक प्रसिद्ध कॉर्पोरेट बिजनेस एक्जीक्यूटिव हैं और ज़ाइडस फार्मास्यूटिकल्स से जुड़े हैं; इन्होंने ग्लैक्सो इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सहित कई वरिष्ठ प्रबंधन पदों पर कार्य किया है ये भारतीय  दवा उत्पादकों के संगठन (ओ.पी.पी.आई) के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके है इन्होंनें  रानी जिनी (नी चेरियन) से विवाह किया था, जो केरल के पालथिंकल परिवार के डॉ. पालथिंकल वर्की चेरियन की बेटी थीं, वे महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल (1964/1969) थे, और उनकी पत्नी, थारा देवी जेसुदासन थीं,कालांतार मे हुमायु धनराजगीर को दो पुत्र रतन की प्राप्ति होती है   राजकुमार अशोक धनराजगीर और राजकुमार निखिल धनराजगीर हैं।

 अगर बात की जाए महाराजा  धनराजगीर  और उनकी पहली पत्नी प्रमिला देवी की तो जानकर बताते है कि इनके चार  बच्चे हुए ,दो बेटे और दो बेटिया । इनके  बेटों  का नाम महेन्द्रगिर धनराजगीर और धैर्यवानगिर धनराजगीर  है इनकी बेटीयो के नाम प्रिंसेस इंदिरा देवी धनराजगीर और प्रिंसेस रेणुका देवी  है।प्रिंसेस इंदिरा देवी धनराजगीर इन दोनो राजकुमार भाइयो मे सबसे बड़ी है ।



महेन्द्रगिर धनराजगीर की बात की जाए तो इनकी शादी रोशन नामक महिला से शादी हुई जिनसे इनको दो बेटिया हुई ज्योतिका ( सबरीना)और राधिका । रोशन का जन्म 29 जनवरी, 1938 को बॉम्बे में हुआ था। रोशन सिद्दीक और शाबानू (यूसुफ) सुलेमान की बेटी हैं। रोशन ने 8 जुलाई, 1959 को महेंद्रगीर से शादी की (सितंबर 1972 में तलाक हो गया)। रोशन ने 28 सितंबर, 1972 को राजीव चोपड़ा से शादी की।

महेन्द्रगिर धनराजगीर के शादी के बारे मे एक किस्सा ये भी मशहूर है कि इनकी शादी के लिए सबसे पहले प्रस्ताव नेपाल के राज घराने से आया था। महेन्द्रगिर् के पिता महाराजा धनराजगीर ने ये प्रस्ताव स्वीकार कर लिया और नेपाल से करीब 2 करोड़ के उपहार ,आभूषण महाराजा धनराजगीर को भेजे गये। लेकिन महेन्द्र गिर इस रिश्ते से खुश नहीं थे उधर नेपाल के राजघराने से भी शादी की डेट फाइनल करने को दवाब दिया जाता है तो एक दिन महेन्द्रगीर अपने पिता महाराजा धनराजगीर के सामने ये खुलासा करते है कि वो गुपचुप तरीके से एक मुस्लिम महिला से शादी कर चुके है ये बात सुनकर महाराज धनराज बोहोत क्रोधित होते है और इस मुस्लिम लड़की से विवाह का बोहोत विरोध करते है।उन्होंने ये तक कहा की में जमीन जायदाद से बेदखल कर दूंगा, बाद मे महाराज धनराज की बेटी प्रिंसेस इंदिरा देवी की समझाईश पर धनराज शांत हो जाते है और अंततः इस मुस्लिम महिला को बहु स्वीकार कर लेते है। कहा जाता है कि ये शादी ज्यादा साल नहीं टिकती है और इनका तलाख हो जाता है ।बाद मे महेन्द्र गिर एक अन्य मुस्लिम महिला से शादी कर लेते है 

ज्योतिका ( सबरीना) के   बारे मे कहा जाता है कि वो एक एयर हॉस्टेस थी। बॉलीवुड एक्टर फ़िरोज़ खान का जब उनकी पहली पत्नी से तलाख हो गया तो ज्योतिका के साथ उनकी सगाई हो गयी।लेकिन काफी समय तक ये मामला अटका रहा और फिर ये सगाई टूट गई।ज्योतिका ( सबरीना) का फिल्मी दुनिया से भी कनेक्शन है यलगार 1991 से उनको काफी जाना जाता है ।

धैर्यवान गिर धनराजगीर की बात की जाए तो इनकी शादी राजकुमारी  शाद कँवर  से हुई। इन दोनो को कालांतर मे एक पुत्र रतन की प्राप्ति हुई जिसका नाम तरुण धनराजगीर है।तरुण धैर्यवान  धनराजगीर बॉलीवुड मे फेमस फिल्म डायरेक्टर प्रोडूसर है ,तरुण दो बच्चो के पिता है जहान्वी (बेटी) और जनक (बेटा) इनके बच्चो के नाम है। जहान्वी एक फिल्म एक्ट्रेस है।

तरुण  धैर्यवान धनराजगीर अपनी माताजी शाद कँवर और बच्चो के साथ( जहान्वी और जनक)

तरुण  धैर्यवान धनराजगीर एक मंझे हुए एक्टर भी है।उन्होंने अपने एक्टिंग करियर की शुरुवात दूरदर्शन पर 1985 मे प्रदर्शित टी वी सीरियल "तृष्णा" से की। इसके बाद 1995 मे टी वी सीरियल "आरोहन "मे भी अभिनय किया। ज्ञात हो कि आरोहन मे कई दिग्गज कलाकारों ने काम किया था जिनमे पल्लवी जोशी, एक्टर आर.माधवन,कश्मीरा शाह शामिल है।ये वाही कश्मीरा शाह है जो की कॉमेडियन कृष्णा की वाइफ है।

 1970 में प्रिंसेस इंदिरा देवी धनराजगीर की शादी  तेलुगु कवि गुंटूरू शेषेंद्र शर्मा  से हुई थी। वह वर्तमान में ज्ञान बाग पैलेस हैदराबाद  में रहती हैं। कुछ आर्टिकल मे रिसर्च करने पर पता  चलता है कि प्रिंसेस इंदिरा देवी धनराजगीर  की जीवन गाथा इतनी सहज और सरल नहीं है। 

प्रिंसेस इंदिरा देवी धनराजगीर अपने पति कवि शेषेन्द्र शर्मा के साथ

सात्यकी शर्मा जोकि खुद को शेषेन्द्र शर्मा का बेटा बताते है उनके द्वारा लिखित एक लेख मे कहा गया है कि प्रिंसेस इंदिरा देवी धनराजगीर की पहली शादी हैदराबाद के राजा (निजाम) के दरबार के प्रधानमंत्री ( किशन प्रसाद ) के भतीजे श्री किशन सेठ से हुई थी। इंदिरा ने उन्हें तलाक देकर उनकी ज़िंदगी बर्बाद कर दी।उनके पिता ने अपनी वसीयत में यह शर्त रखी थी कि उन्हें संपत्ति का हिस्सा तभी मिलेगा, जब वह शादीशुदा होंगी। यही कारण है कि उन्होंने मेरे पिता  " गुंटूरू शेषेन्द्र शर्मा "  के साथ जबरन विवाह नामक नुक्कड़ नाटक खेला। उन्होंने हमारे परिवार को बर्बाद कर दिया, खासकर मेरे पिता के निजी और साहित्यिक जीवन को उनके हाथों सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। गुंटूरू शेषेन्द्र शर्मा (20 October 1927 – 30 May 2007) का पहला विवाह जानकी नामक महिला से हुआ था उनके दो बेटे और दो बेटियाँ थीं: वसुंधरा (1951), रेवती (1953), वनमाली (1956) और सत्यकि (1958)। इसके बाद कुछ सालो बाद उन्होंने प्रिंसेस इंदिरा देवी धनराजगीर से विवाह कर लिया। हालांकि उनका उनके बच्चो के प्रति प्यार कभी कम नहीं हुआ वो अपने बच्चो और नाती पोतो से मिलते रहते थे। प्रिंसेस इंदिरा देवी धनराजगीर से शादी के बाद वो जीवनभर ज्ञान बाग़ पैलेस हैदराबाद मे उनके साथ ही  रहे। कही ना कही उनके बच्चो मे इस बात का रोष दिखाई पड़ता है कि आखिर क्यू पिताजी ने दूसरी शादी की ,शायद इसी वजह से सात्यकी शर्मा रोषित है और इसी वजह से वो प्रिंसेस इंदिरा को पसंद नहीं करते थे। आप सभी को ज्ञात हो कि प्रिंसेस इंदिरा और  गुंटूरू शेषेंद्र शर्मा की कोई संतान नहीं थी।   गुंटूरू शेषेंद्र शर्मा के काव्य और रचनाओं की चर्चा की जाए इससे पहले में आपको बता दु कि पूरे भारत मे सबसे पहले नोबल पुरुस्कार पाने वाले पहले व्यक्ति रबिन्द्र नाथ टैगोर थे उसके बाद गुंटूरू शेषेंद्र शर्मा दूसरे व्यक्ति है जिन्हे साहित्य के छेत्र मे नोबल पुरुस्कार दिया गया।

ज्ञान बाग पैलेस की कुछ अनोखी तस्वीरे

ज्ञान बाग पैलेस हैदराबाद का एक परिदृश्य 
ज्ञान बाग पैलेस के अंदर

महाराजा धनराजगीर

प्रिंसेस इंदिरा देवी धनराजगीर

प्रिंसेस इंदिरा देवी धनराजगीर

प्रिंसेस इंदिरा देवी धनराजगीर ज्ञान बाग पैलेस के अंदर 

कवि  शेषेन्द्र शर्मा





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