लाहौर मे जन्मे इस एक्टर ने बॉलीवुड मे एक के बाद एक करीब सेकड़ो फिल्मो मे अभिनय किया...!!!

 लाहौर मे जन्मे इस एक्टर ने बॉलीवुड मे एक के बाद एक करीब सेकड़ो फिल्मो मे अभिनय किया...!!!

एक्टर सुधीर (1944 लाहौर- 2014 मुंबई)

WRITTEN BY Ved Kumar | Updated: May 01, 2024, 12:30 PM IST

अभिनेता भगवानदास मूलचंद लूथरिया उर्फ सुधीर को आपने कई फिल्मों में देखा होगा। किसी फिल्म में वह विलेन का किरदार निभाकर छाए तो किसी फिल्म में उन्होंने शरीफ आदमी की गजब एक्टिंग करके दिल जीता। सुधीर का जन्म 1944 मे लाहौर मे हुआ था उनका कॉमेडी अंदाज मे किया गया रोल फिल्म बादशाह का काफी पसंद किया गया। अपने करियर में उन्होंने कई गंभीर रोल भी किए। दिलचस्प बात यह है कि अपने करियर की शुरुआत उन्होंने बतौर हीरो शुरू की थी। मगर वह विलेन के रूप में अधिक मजबूती से उभरे। सुधीर का जन्म वर्ष1944 में हुआ था। इनका पूरा नाम भगवानदास मूलचंद लूथरिया था। लेकिन साठ के दशक में जब वह फिल्मों में आए तो इन्होंने अपना नाम सुधीर रख लिया। आज उनकी पुण्यतिथि है। 12 मई 2014 में फेफड़े के संक्रमण के चलते उनका निधन हो गया था।

पहली फिल्म थी 'प्रेम पत्र' (1962)
सुधीर पहली बार वर्ष 1962 में रिलीज हुई फिल्म 'प्रेम पत्र' में नजर आए थे। ये फिल्म महान निर्देशक बिमल रॉय ने बनाई थी और इस फिल्म में लीड रोल में शशि कपूर और साधना थे। सुधीर साहब फिल्म में एक कॉलेज स्टूडेंट बने थे।

हकीकत' (1964)
सुधीर के करियर की दूसरी फिल्म चेतन आनंद की 'हकीकत' थी। यह फिल्म साल 1964 में रिलीज हुई। अपनी शुरूआती दोनों फिल्मों में सुधीर सपोर्टिंग एक्टर के किरदारों में दिखाई दिए।

एक फूल एक भूल' में बने हीरो (1968)
वर्ष 1968 में रिलीज हुई फिल्म 'एक फूल एक भूल' में सुधीर पहली बार बतौर हीरो नजर आए। इस फिल्म को उस दौर के जाने-माने निर्देशक-प्रोड्यूसर केदार कपूर ने बनाया था। फिल्म में इनकी हीरोइन जेब रहमान थीं। इस फिल्म में मुमताज, हेलेन, चमन पुरी, मदन पुरी, देव कुमार और केएन सिंह जैसे उस दौर के दिग्गज सितारे मौजूद थे।

उस्ताद 420' (1969)
बतौर हीरो सुधीर की अगली फिल्म 'उस्ताद 420' थी। यह फिल्म 'एक फूल एक भूल' के एक साल बाद यानी 1969 में रिलीज हुई थी। ये बात भी बड़ी खास है कि सुधीर साहब जब फिल्मों में हीरो थे तो मोहम्मद रफी और मुकेश जैसे महान गायकों ने इन्हें अपनी आवाज दी थी। इन पर फिल्माए गए कुछ गीत बड़े हिट हुए थे।

सत्ते पे सत्ता' (1982) में की कॉमेडी
सुधीर ने कुछ फिल्मों में कॉमेडी भी की थी। बतौर कॉमेडियन 1982 में आई 'सत्ते पे सत्ता' इनकी सबसे मशहूर फिल्म रही। इसमें यह अमिताभ बच्चन के भाई बने थे। अमिताभ बच्चन के साथ इन्होंने कई फिल्मों में काम किया था। 'दीवार', 'कालिया', 'शराबी', 'मजबूर', 'शान' और 'लाल बादशाह' जैसी फिल्मों में भी सुधीर अमिताभ बच्चन के साथ नजर आए थे। फिल्मों के अलावा सुधीर ने मशहूर टीवी शो 'सीआईडी' के भी दो एपिसोड्स में काम किया था


 इन्होंने अक्सर खलनायक अजीत, प्रेम नाथ और प्राण के  सहायक विलन, एक अत्याचारी पुलिस इंस्पेक्टर या एक घटिया आदमी की भूमिका निभाई। वह अपनी तीखी आवाज, लंबी मूंछों और साइडबर्न के लिए सबसे ज्यादा जाने जाते थे।इन्होंने अमिताभ बच्चन की कम से कम एक दर्जन फिल्मों में अभिनय किया, जैसे दीवार, कालिया, मजबूर, शराबी, सत्ते पे सत्ता, दोस्ताना, शान और लाल बादशाह। अन्य उल्लेखनीय प्रस्तुतियों में फिरोज खान की 1974 की हिट खोटे सिक्के, इसका सीक्वल कच्चे हीरे, धर्मात्मा, साथ ही मेरा गांव मेरा देश, और देव आनंद की हरे रामा हरे कृष्णा (1971) में एक विकलांग चोर की भूमिका, सुभाष घई की मेरी जंग (1985) उनकी अंतिम फिल्मो मे झूम बराबर झूम (2007) और विक्टोरिया हाउस (2009)  थीं।

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