90 के दशक मे IIT से ग्रेजुएट अनिरुद्ध अग्रवाल कैसे बने खूंखार शैतान 'सामरी', हॉलीवुड में लहराया था परचम...!!!

 

90 के दशक मे IIT से ग्रेजुएट अनिरुद्ध अग्रवाल कैसे बने खूंखार शैतान 'सामरी', हॉलीवुड में लहराया था परचम...!!!

IIT  ग्रेजुएट एक्टर अनिरुद्ध अग्रवाल जी
WRITTEN BY Ved Kumar | Updated: April 17, 2024, 12:30 PM IST

खूंखार शैतान 'सामरी' का रोल निभाने वाले एक्टर अनिरुद्ध अग्रवाल की इंस्पायरिंग कहानी। अनिरुद्ध अग्रवाल ने जिंदगी में काफी कष्ट उठाए। लोग तक उनका हुलिया देखकर डरते थे। लेकिन अनिरुद्ध अग्रवाल को हॉलीवुड में हाथोंहाथ लिया गया। अनिरुद्ध अग्रवाल इंजीनियर भी रह चुके हैं और अभी मुंबई में रहते हैं।


अनिरुद्ध अग्रवाल को लोग असल जीवन में भले ही नाम से न जानते हों, लेकिन 'बंद दरवाजा' और 'पुराना मंदिर' जैसी फिल्मों का नाम सुनकर उन्हें तुरंत ही वह चेहरा याद आ जाएगा, जिसे देख हर कोई थरथरा उठता है। आज भी लोग अनिरुद्ध अग्रवाल को 'पुराना मंदिर' के सामरी के नाम से जानते हैं। एक समय तो ऐसा भी था, जब असल जिंदगी में भी लोग अनिरुद्ध अग्रवाल को देखकर डरने लगे थे। उनका चेहरा-मोहरा सब बदलने लगा था। हाथ-पैर बेहिसाब तरीके से बढ़ने लगे थे और ठोड़ी व नाक भी बाहर निकल आई थी। लेकिन अनिरुद्ध अग्रवाल ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी उस बीमारी को भी ताकत बना लिया।

अनिरुद्ध अग्रवाल एक्टर बनने से पहले एक इंजीनियर रहे हैं। लेकिन उनकी निजी जिंदगी के साथ-साथ फिल्मी सफर काफी चुनौतियों भरा रहा। पर अनिरुद्ध अग्रवाल ने हर चुनौती का सामना किया और अपनी सफलता के साथ-साथ जिंदगी के रास्ते खुद बनाए। 'मंडे मोटिवेशन' सीरीज में हम आपको अनिरुद्ध अग्रवाल की इसी इंस्पायरिंग जर्नी के बारे में बताने जा रहे हैं।
एक्टर अनिरुद्ध अग्रवाल जी अपनी फॅमिली के साथ

अनिरुद्ध अग्रवाल  मुंबई के अंधेरी इलाके में एसवी रोड पर रहते हैं। लेकिन वह मूल रूप से देहरादून के विकासनगर के रहने वाले हैं। अनिरुद्ध के पिता पहाड़ी सब्जियों और दालों का बिजनेस करते थे और अच्छी-खासी आमदनी थी। पिता चाहते थे कि बेटा अनिरुद्ध इंजीनियर बने। इसलिए अनिरुद्ध अग्रवाल ने देहरादून से स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद देहरादून के ही एक कॉलेज में एडमिशन ले लिया। अनिरुद्ध अग्रवाल ने आईआईटी रुड़की से सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री ली। बाद में वह एक कंपनी में इंजीनियर के तौर पर काम करने लगे।

एक्टिंग के लिए मुंबई आए

लेकिन अनिरुद्ध अग्रवाल का मन फिल्मों में काम करने का था और उसी सपने के साथ वह मुंबई आ गए और इंजीनियरिंग छोड़ दी। वहां वह एक पारिवारिक दोस्त के यहां रहने लगे। 'बीते हुए दिन' ब्लॉग के मुताबिक, जब अनिरुद्ध अग्रवाल के घरवालों को पता चला तो उनके भाई ने दोस्त के घर से एक्टर को निकलवा दिया। इसके बाद अनिरुद्ध अग्रवाल सांता क्रूज गेस्ट हाउस में रहने लगे।


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