पिता पदमश्री अवार्डी सिंगर मगर बेटा स्ट्रगलिंग एक्टर बन कर रह गया...!!

पिता पदमश्री अवार्डी सिंगर मगर बेटा स्ट्रगलिंग एक्टर बन कर रह गया...!!

WRITTEN BY Ved Kumar | Updated: Mar 08, 2024, 06:08 AM IST

हम सभी मशहूर सिंगर महेन्द्र कपूर से अच्छी तरह से मुख़ातिब है।ये वही लीजेंडरी गायक है जिन्होंने 25,000 से अधिक गाने गाये है। आइये देखते है महेन्द्र कपूर द्वारा गाये हुए कुछ अद्भुत गीतों की श्रंखला. .!!

1)चलो एक बार फिर से अजनवी बन जाए हम दोनो ..

2)तुम अगर साथ देने का वादा करो ..1967

3)मेरे देश की धरती सोना उगले ,उगले हीरा मोती...

4)तेरे प्यार का आसरा चाहता हू...

5)लाखो है यहा दिलवाले...1967

6)भारत का रहने वाला हू भारत की बात सुनाता हू. ..1970

7)टाइटल सांग ऑफ महाभारत

इत्यादि अनेको गीत महेन्द्र कपूर साहब ने गाये है।संगीत की इस अलौकिक प्रतिभा के कारण कपूर साहब को 1972 मे पदम श्री  अवार्ड से नवाज़ा गया था।

कहते है सिंगर हर कोई नहीं बन सकता,सिंगर बनने के लिए आपके वॉइस मे गॉड गिफ्टेड क्वालिटी होनी चाहिए ,इसी के चलते महेन्द्र कपूर के बेटे रोहन कपूर ने अपना करियर सिंगिंग के बजाये एक्टिंग फील्ड मे चुना। 

रोहन कपूर और फराह नाज़ :- फिल्म- फासले 

हलाकि रोहन कपूर एक्टिंग के साथ साथ सिंगिंग मे भी काफी रुचि रखते है ,समय समय पर उनके म्यूजिकल एल्बम आते रहते है।लेकिन जो जादू उनके पिता की आवाज़ मे था वैसा जादू उनकी आवाज़ मे नहीं है 

 रोहन कपूर का जन्म 1965 मे हुआ था ,रोहन  कपूर देखने मे काफी अट्रैक्टिव लगते थे।उनके नाक नक्ष ,कद, काठी सब हीरो के अनूरूप था।उन्होंने 16 साल की उम्र में मनोज कुमार के साथ फिल्म क्रांति में सहायक निर्देशक के तौर पर अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। उसके बाद, वह शफी इनामदार के साथ मंच पर सक्रिय हो गए और यहां तक ​​कि उनके दो सबसे लोकप्रिय नाटकों - नीला कमरा और अदा में अभिनय भी किया। यश चोपड़ा ने वर्ष 1985 में फरहा के साथ अपनी फिल्म फासले में रोहन को नायक के तौर पर ब्रेक दिया, फिर उन्हें लव 86 में एक भूमिका मिली, जिसमें गोविंदा ने रोहन के साथ सह-अभिनय किया। 

रोहन कपूर अपने पिता महेन्द्र कपूर के साथ

उसके बाद, प्रकाश मेहरा ने शफी इनामदार और संजय दत्त के साथ अपनी पिछली भूमिका के सम्मान में रोहन को ईमानदार में अभिनय करने के लिए लिया, 

रोहन कपूर युवा अवस्था मे 

जिससे रोहन को मीडिया के साथ-साथ फिल्म देखने वालों से भी काफी प्रशंसा मिली। फिर, मस्ती, मेरा नसीब, महा काली और सुर असुर सहित कई अन्य फिल्मो मे भूमिकाएँ मिलीं।

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