मुस्लिम परिवार में पैदा होने के बावजूद सारी जिंदगी हिंदू बनी रही ये एक्ट्रेस, अरशद वारसी की हैं सौतेली बहन

 मुस्लिम परिवार में पैदा होने के बावजूद सारी जिंदगी हिंदू बनी रही ये एक्ट्रेस, अरशद वारसी की हैं सौतेली बहन


70-80 के दशक में अपने अलग-अलग किरदारों से दर्शकों का मनोरंजन करने वाली बॉलीवुड एक्ट्रेस आशा सचदेव जिनका जन्म पहले तो मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनका पहला नाम नफीस सुल्तान था और उनका पूरा परिवार फिल्मी दुनिया से तालुकात रखता था। आशा के अलावा उनकी एक छोटी बहन और एक भाई भी था। लेकिन 60 के दशक में उनके माता-पिता के तलाक के बाद वो अपनी छोटी बहन और मां के साथ ही रहने लगी। जबकि उनका भाई अनवर पिता के साथ रहने लगा, उनके पिता ने दूसरी शादी करली जिससे अरशद वारसी का जन्म हुआ। 

कुछ समय बाद उनकी मां रजिया ने भी मुंबई के नामी वकील  आई.पी सचदेव से दूसरी शादी करली। इसके बाद नफीसा का नाम आशा रखा गया जो बाद में बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस बनीं। उस वक्त बड़े-बड़े डायरेक्टर आशा के साथ काम करना चाहते थे। लेकिन फिर आशा ने एक ऐसा कदम उठाया जिससे उन्हें काफी नुकसान हो गया। 

70 और 80 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस आशा सचदेव की की जिंदगी भी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही. गहरी काली आंखें, भरा पूरा शरीर और कातिल अदाओं से लाखों दिलों पर राज करने वाली एक्ट्रेस आशा सचदेव ने कई बेहतरीन फिल्मों में एक्टिंग की है. आशा सचदेव ने अपने 40 साल के करियर में 90 से ज्यादा फिल्मों और टीवी सीरियल्स में अपनी अदाओं का जलवा बिखेरा

आशा सचदेव का बोल्ड अंदाज भी पब्लिक ने खूब सराहा. खास बात यह है कि आशा सचदेव का एक मुस्लिम परिवार में जन्मी थीं और उनका पहला नाम नफीसा सुल्तान था. लेकिन उनका नाम बाद में आशा सचदेव रख दिया गया. इसके पीछे की भी एक दिलचस्प कहानी है. साथ ही आपको बता दें कि आशा सचदेव बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर अरसद वारसी की स्टेप सिस्टर भी हैं. मतलब आशा और अरसद के पिता एक ही हैं लेकिन मां अलग अलग हैं.

मां और पिता दोनों ही थे मुस्लिम लेकिन खुद बनीं हिंदू
27 मई 1956 को मुंबई में जन्मी नफीसा सुल्तान अपने 3 भाई बहनों में सबसे बड़ीं थीं. नफीसा के पिता आशिक हुसैन वारसी एक राइटर थे. नफीसा की मां रजिया फिल्मों में काम किया करती थीं. आशिक हुसैन और रजिया के 3 बच्चे हुए और दोनों ने 60 के दशक में तलाक ले लिया. नफीसा और उनकी छोटी बहन मां रजिया के साथ रहीं और बेटा अनवर उनके पिता आशिक हुसैन के साथ रहने लगा. तलाक के बाद रजिया ने आईपी सचदेव से शादी कर ली.

आईपी सचदेव मुंबई के एक बड़े वकील थे. इसके बाद नफीसा सुल्तान का नाम बदलकर आशा सचदेव रखा गया और उनकी बहन का नाम रेशमा सचदेव कर दिया गया. आशा भी अपनी मां की तरह एक्ट्रेस बनना चाहती थीं. जिसको लेकर आशा ने मेहनत शुरू कर दी और पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट में दाखिला लेकर एक्टिंग का कोर्स किया. इसके बाद आशा मुंबई आ गईं और फिल्मों में हाथ आजमाने लगीं.

आशा को शुरुआत में छोटे रोल मिलना शुरू हो गए 70 के शुरुआती दशक में आशा को कुछ फिल्में लीड रोल में भी मिलने लगीं. आशा ने बिंदिया और बंदूक, डबल क्रॉस, कशमकश, हाथी के दांत और हिफाजत जैसी फिल्मों में काम किया. अब तक 1975 का दौर आ चुका था आशा की अदाओं पर भी लोग दीवाने होने लगे थे. साथ ही फिल्ममेकर्स की भी आशा पर नजर थी. आशा ने भी फिल्मों में काम करना शुरू किया और पीछे मुड़कर नहीं देखा. आशा ने वादा तेरा वादा, वो मैं नहीं, महबूबा, शाही लुटेरा, एजेंट विनोद जैसी शानदार फिल्मों में काम किया.

उन्होंने अपने करियर के पीक एक बी-ग्रेड फिल्म में काम किया, जिसकी वजह से उनके हाथ से कई बड़े बजट वाली फिल्में निकल गई। इसके बाद उन्हें कभी भी महंगी फिल्मों में काम नहीं मिला और उन्हें छोटे बजट वाली फिल्मों से ही अपना गुजारा करना पड़ा। इसके बाद उन्हें किशन लाल नाम के लड़के से प्यार हो गया और वह दोनों शादी भी करने वाले थे। लेकिन शादी के कुछ दिन पहले किशन का एक कर हादसे में निधन हो गया और इसके बाद आशा ने कभी भी शादी नहीं की। 

 

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