पृथ्वीराज कपूर के मोसेरे भाई भी थे गज़ब के एक्टर ..!!!

पृथ्वीराज कपूर के मोसेरे भाई भी थे गज़ब के एक्टर ..!!!

कमल कपूर मूलतः विलेन का रोल करते थे

कमल कपूर का जन्म 1920 में ब्रिटिश भारत के उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत के पेशावर में हुआ था। कपूर ने लाहौर के डीएवी कॉलेज में अपनी पढ़ाई पूरी की। वे पृथ्वीराज कपूर के मोसेरे भाई थे उनकी माताएँ बहनें थीं ।

कमल कपूर ने लगभग 600 हिंदी ,गुजरात और मराठी फिल्मो मे काम किया है। कमल कपूर के सगे भाई रविंद्र कपूर भी जाने माने फिल्म एक्टर थे।


कमल कपूर के पाँच बच्चे थे - तीन बेटे और दो बेटियाँ। उनकी छोटी बेटी फिल्म निर्माता रमेश बहल की पत्नी और गोल्डी बहल की माँ हैं।  याने कमल कपूर ,गोल्डी बहल के नानाजी थे , आज गोल्डी बहल ,जाने माने फिल्म प्रोडूसर और डायरेक्टर है एक्टर रवि बहल ,गोल्डी बहल का चचेरा भाई है । एक्टर राजेंद्र कुमार जिन्हे जुबली कुमार नाम से भी जाना जाता है वो रवि बहल और गोल्डी बहल के फूफाजी है। 

आप सभी को ज्ञात हो कि  गोल्डी  बहल ने सोनाली बेंद्रे से शादी की है । गोल्डी बहल के जीजाजी समीर आर्य है,समीर आर्य पेशे से सिनेमाटोग्राफर है।समीर आर्य के पिता भी एक फेमस सिनेमाटोग्राफर थे ,समीर आर्य के पिताजी मुस्लिम थे और माँ  हिन्दु है। आप सभी को "कल हो ना हो " की कानता बेन तो याद होगी ही, वो कानता बेन समीर आर्य की माँ  है।

कमल कपूर डान फिल्म मे अमिताभ के साथ

उन्होने अपने सफर की शुरुआत 1940-50 के दौर में नायक के रूप में की थी। उनकी पहली फ़िल्म "दूर चलें" थी जो 1946 मे प्रदर्शित हुई। साठ के दशक से उन्होने खलनायक की भूमिका करनी आरंभ की, इनमें से कुछ लोकप्रिय किरदार पाक़ीज़ा (1972) में नवाब जफर अली खान, डॉन (1978) में नारंग और मर्द (1985) में जनरल डायर रहें।



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