जब शेखर सुमन और संजय दत्त की वाइफ को करना पड़ा B - ग्रेड फिल्म मे काम...!!
जब शेखर सुमन और संजय दत्त की वाइफ को करना पड़ा B - ग्रेड फिल्म मे काम...!!
![]() |
| शेखर सुमन और माधुरी दीक्षित-1986 |
WRITTEN BY Ved Kumar | Updated: March 14, 2024, 12:30 PM IST
मुंबई:- शेखर सुमन बॉलीवुड में आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने एक से बढ़कर एक हिट फिल्मों में काम किया है। अपनी शुरूआती दिनों को याद करते हुए शेखर सुमन कहते हैं, 'मुझे मेरी फिल्म 'उत्सव' के लिए पच्चीस हजार रुपये मिले थे'। ये शेखर सुमन का स्ट्रगलिंग का दौर था,उन दिनों फिल्मे भी बोहोत कम बनती थी, बड़े बैनर की फिल्मो मे पहले से स्थापित मझे हुए एक्टर्स को ही काम मिलता था अतः स्ट्रगलिंग एक्टर्स को मोस्टली B -ग्रेड फिल्मो मे भी काम करना पड़ता था, " अनुभव " नामक एक फिल्म की स्टोरीलाइन उस दौर के हिसाब से काफी बोल्ड और अतरंगी थी। इस फिल्म को अगर आज की पीड़ी का कोई युवा देखे तो उसे अत्यंत आश्चर्या होगा कि उस दौर मे सेक्स , गर्भनिरोधक जैसे टॉपिक पर बात करना भी कितना मुश्किल था , उन दिनों शर्म का पर्दा स्त्रियों के साथ साथ मर्दो का भी गहना होता था। उस दौर मे पुरुष भी अत्यंत शर्मीले और सादगी भरा जीवन जीते थे। इस फिल्म की बेस स्टोरी यह है कि इसमे शेखर सुमन शहर मे जॉब करते है, उसी दौरान उनका विवाह गाव की एक अल्हड़ ,चुलबुली और कमसिन हसीना से विवाह तय हो जाता है ,इस लड़की की उम्र करीब 15-16 साल रही होगी,उसमे काफी बचपना था ,वो अपने 9-10 वर्षीय छोटे भाई के साथ गिल्ली डंडा जैसे खेल खेला करती थी।इस कमसिन हसीना का किरदार पद्मिनी कोल्हापुरी ने निभाया था।
जैसे ही शेखर सुमन को पता चलता है कि उसकी शादी फिक्स होने वाली है वो घबरा जाते है क्युकि उन्को सेक्स के बारे मे कुछ भी नहीं पता होता,शेखर सुमन एक लाइब्रेरी जाते है और वहा "कामसूत्र " नामक बुक को ढूंढते है। वो चोरी छुपे उस बुक को ढूंढते है,ताकि कोई उन्हे देख ना ले।
इसी तरह अनुभव मूवी के अन्य सीन मे एक और मजेदार दृश्य दिखाया जाता है जिसमे शेखर सुमन पहली बार कंडोम खरीदने मेडिकल स्टोर जाते है, इस फिल्म मे उनका करैक्टर इतना शर्मीला होता है कि वो दुकानदार को निरोध(कंडोम) शब्द बोलने मे भी बोहोत शर्माते है
इस फिल्म मे एक्ट्रेस रिचा शर्मा ने भी काम किया है,आप सभी को ज्ञात हो कि रिचा शर्मा ,संजय दत्त की पहली वाइफ थी। "अनुभव" मूवी मे रिचा शर्मा का किरदार अत्यंत बोल्ड दर्शाया गया है,उन्हे तंग चोली पहने उन्हे दिखाया गया है ताकि उनके ब्रैस्ट सुडोल उभरे हुए आकर्षक दिखाई दे। फिल्म मे जैसा उनका ड्रेसअप था वैसा ही उनका किरदार था।इस फिल्म मे उनका किरदार एक ऐसी युवा लड़की का था जिसकी जवानी की ज्वाला पीक पर थी ,ऐसा प्रतीत होता था जैसे इस फिल्म मे रिचा शर्मा सेक्स करने को अत्यंत आतुर है।इस फिल्म मे वो भोले भाले शेखर सुमन को छेड़ते और रिझाते हुए नज़र आती है।
फिल्म " मानव हत्या " के बारे मे शेखर सुमन कहते है
मानव हत्या 1986 की हिंदी फीचर फिल्म है, जिसमें शेखर सुमन, माधुरी दीक्षित, सुनील थापा, गुलशन ग्रोवर, शरत सक्सेना, श्रीराम लागू और अरविंद देशपांडे ने अभिनय किया है।फ़िल्म का निर्देशन सुदर्शन रतन द्वारा और निर्माण सरवन सिंह रेहाल द्वारा किया गया था। मानव हत्या को नाटकीय रूप से रिलीज़ नहीं किया गया और अंततः इसे ज़ी टीवी जैसे चैनलों पर दिखाया गया ,
मानव हत्या शेखर सुमन की दूसरी ही फिल्म थी, इस फिल्म के बारे मे शेखर सुमन बताते है कि "फिल्म उत्सव " के बाद मैं बहुत उत्साहित था जब मुझे इस निर्देशक का फोन आया जिसका नाम मैंने कभी नहीं सुना था। उस समय मेरे पास फोन नहीं था, पास की किराना दुकान से काम करने वाला लड़का दौड़कर आया और कहता है, 'आपका फोन आया है।' मैं उसके पीछे-पीछे दुकान तक गया और उस व्यक्ति के वापस कॉल करने का इंतजार किया, उन्होंने फोन काट दिया था क्युकी उन दिनों कालिंग रेट काफी ज्यादा होते थे । दोबारा फोन आया और फोन पर डायरेक्टर सुदर्शन रतन से बात हुई , सुदर्शन रतन मुझे कास्ट करना चाहते थे, लेकिन उनके पास देने के लिए पैसे नहीं थे। मैंने बताया कि उत्सव के बाद मैं एक बड़ा स्टार था और उन्होंने स्वीकार किया कि इसीलिए उन्होंने फोन किया था। कहानी ने मुझे बांध लिया था. जब मैंने मुख्य अभिनेत्री के बारे में पूछा, तो उन्होंने मुझे बताया कि माधुरी दीक्षित माइक्रोबायोलॉजी की पढ़ाई कर रही थीं और उन्होंने हाल ही में राजश्री के साथ एक फिल्म "अबोध" पूरी की है। हमने एक साथ माधुरी के जेबी नगर निवास (अंधेरी पूर्व, उत्तर पश्चिम मुंबई) का दौरा किया। तेज़ाब अभी तक नहीं हुआ था, लेकिन मैं उसमें चिंगारी देख सकता था। 'चलो ऐसा करते हैं,' मैंने आवेगपूर्वक निर्णय लिया, और सुदर्शन ने न केवल कबूल किया कि वह मुझे कैब के पैसे नहीं दे सका, बल्कि उसने मुझसे उम्मीद की थी कि मैं माधुरी को उठाऊंगा, उसे सेट पर लाऊंगा, उसे नृत्य कक्षाओं के लिए ले जाऊंगा और उसे अपनी मोटरसाइकिल पर घर छोड़ दूंगा। वह फिल्म का एक बड़ा हिस्सा मेरे महाकाली (अंधेरी पूर्व, उत्तर पश्चिम मुंबई) निवास में शूट करना चाहते थे, मेरी पत्नी के कपड़े उधार लेना चाहते थे और उम्मीद करते थे कि अलका ( मेरी वाइफ) माधुरी का मेकअप भी करेगी! मुझे अपने कानों पर विश्वास नहीं हो रहा था! उस आदमी के पास कुछ भी नहीं था और फिर भी वह फिल्म बनाना चाहता था। पर ये सब कुछ हमने किया। मै अपनी बाइक से माधुरी दीक्षित को उनके घर से सेट ले जाता था फिर वापस उन्हे उनके घर ड्राप करता था। फिल्म के लिए कॉस ट्यूम नहीं थे तो मेरी वाइफ की ड्रेस पहनकर माधुरी दीक्षित को शूट करना पड़ा। डायरेक्टर के पास पैसो की तंगी थी सो माधुरी का मेकअप मेरी वाइफ ही कर देती थी। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान माधुरी दीक्षित की उम्र तक़रीबन 18-19 साल थी। शेखर सुमन ने यह फिल्म मात्र 5000/- रुपयों मे की थी।जबकि शेखर सुमन की पहली फिल्म "उत्सव" के लिए उन्हे 25000/- मेहनताना दिया गया था।
![]() |
| शेखर सुमन अपने बेटे अध्यन सुमन के साथ |
अभी हाल ही मे शेखर सुमन अपने बेटे अध्यन सुमन के साथ "हीरामंडी" वेबसीरीज से कम बैक करते नज़र आये है।उनके किरदार को काफी सराहा गया।



Comments
Post a Comment