फिल्म राजपूत के अनोखे किस्से...

फिल्म राजपूत के अनोखे किस्से...

WRITTEN BY Ved Kumar | Updated: Feb 25, 2024, 12:30 PM IST

गुजरे जमाने के मशहूर फिल्मकार विजय आनंद की फिल्म 'राजपूत' आज से 42 वर्ष पूर्व 16 अप्रैल 1982 को रिलीज हुई। यह एक मल्टीस्टारर फिल्म थी जिसमें धर्मेंद्र, राजेश खन्ना, हेमा मालिनी, विनोद खन्ना, रंजीत, टीना मुनीम, इफ्तेखार जैसे कलाकार मौजूद थे।  मुशीर-रियाज निर्मित इस फिल्म को बनाने में न सिर्फ लंबा वक्त लगा बल्कि इसके सितारे भी बदल गए।

इस फिल्म को कुल 100 शिफ्ट में खत्म करने की योजना बनाई गई थी हालांकि लगातार होती देरी और तारीख से जुड़ी दिक्कतों के कारण इस फिल्म को बनने में आठ साल का लंबा वक्त लग गया। फिल्म 'राजपूत' और 'रजिया सुल्तान' एक ही समय पर शुरू हुई थी। दोनों ही फिल्में बड़े स्तर पर बन रही थी जिनमें धर्मेंद्र और हेमा मालिनी थें। इस फिल्म के लिए निर्देशक विजय आनंद ने यश जौहर की फिल्म 'दोस्ताना' को निर्देशित करने का ऑफर ठुकरा दिया दिया था। दरअसल उस वक्त विजय दो फिल्मों 'राम बलराम' और 'राजपूत' को लेकर व्यस्त थें। इस वजह से 'दोस्ताना' का निर्देशन करने के लिए राज खोसला को साइन किया गया। वहीं विजय 'राजपूत' का हिस्सा इस वजह से बने थे क्योंकि 'राम बलराम' की शूटिंग आगे खिसक गई थी।

'राजपूत' की शूटिंग साल 1978 में हिस्सों में शुरू हुई जो 1982 में बनकर तैयार हुई। फिल्म में रंजीता की जगह पहले नीतू सिंह फिल्म का हिस्सा बनने वाली थीं। लेकिन वह शादी करने वाली थीं इस वजह से उन्होंने फिल्म को मना कर दिया। जिसके बाद 'लैला मजनू' की सफलता को  देखते हुए विजय आनंद ने रंजीता को साइन कर लिया। विनोद खन्ना वाला रोल पहले अमिताभ बच्चन को ऑफर किया गया था। हालांकि यही वह फिल्म है जिसके निर्माण के दौरान विनोद खन्ना ने फिल्मों से संन्यास लेने का एलान कर दिया। विनोद खन्ना से पहले फिल्म के निर्देशक विजय आनंद भी रजनीश के शिष्य थे। वह ओशो को छोड़कर आए तो ओशो ने एक दिन विनोद को बुलवाया। इस मुलाकात के बाद ही विनोद फिल्मों को छोड़ने का मन बना बैठे थे।

विजय आनंद और धर्मेंद्र की निर्देशक-अभिनेता की अच्छी जोड़ी रही। दोनों ने कुल तीन फिल्मों 'ब्लैकमेल', 'राम बलराम' और 'राजपूत' में साथ काम किया था। वहीं यह राजेश खन्ना और विनोद खन्ना ही साथ में आखिरी फिल्म रही। इस फिल्म के साथ एक दिलचस्प पक्ष यह भी है कि फिल्म की शूटिंग के दौरान हेमा मालिनी प्रेग्नेंट थीं। वह एशा देओल को जन्म देने वाली थीं। 


इस फिल्म को लेकर सबसे पहले विचार 70 के दशक के मध्य में आया था। फिल्म के लिए सलीम-जावेद को ऐसी स्क्रिप्ट ढूंढने का भार थमाया गया जिसमें दिलीप कुमार, राज कपूर और देव आनंद फिट बैठे हालांकि तीनों की स्क्रिप्ट को लेकर एक राय नहीं बन पाई। विजय आनंद के पास जब यह फिल्म आई तब इस फिल्म को बनाने लंबा वक्त लग गया जिसने उन्हें पूरी तरह से थका दिया। इस वजह से वह करीब तीन साल के ब्रेक पर चले गए। हालांकि जब उन्होंने वापसी की तब यह अंतराल उनके लिए महंगा साबित हुआ और उनका करियर ग्राफ नीचे गिरा। कहा जाता है कि 'राजपूत' विजय आनंद की आखिरी फिल्म रही जो सही तरीके से सिनेमाघरों में रिलीज हुई।  


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